Press Releases:-2021
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31 January 2022
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्रीय महिला आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में माननीय राज्यपाल श्री रमेश बैस ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।
30 January 2022
राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर माननीय राज्यपाल श्री रमेश बैस ने राज भवन में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उनके प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
30 January 2022
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर माननीय राज्यपाल श्री रमेश बैस ने सर्वोदय आश्रम (तिरिल, धुर्वा) जाकर वहाँ स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके प्रति अपनी श्रद्धा-सुमन अर्पित की।
26 January 2022
73वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर माननीय राज्यपाल, झारखण्ड श्री रमेश बैस का अभिभाषण ।
26 January 2022
मोरहाबादी मैदान, राँची में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में प्रदर्शित की गई विभिन्न झाँकी |
26 January 2022
माननीय राज्यपाल श्री रमेश बैस मोरहाबादी मैदान, राँची में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में झंडोत्तोलन व परेड निरीक्षण करते एवं सलामी लेते हुए
26 January 2022
माननीय राज्यपाल श्री रमेश बैस ने 73वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दीपाटोली, राँची स्थित झारखंड युद्ध स्मारक पर माल्यार्पण कर वीर शहीदों के प्रति अपनी श्रद्धा-सुमन अर्पित की।
23 January 2022
माननीय राज्यपाल श्री रमेश बैस ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के अवसर पर राज भवन में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उनके प्रति अपनी श्रद्धा-सुमन अर्पित की।
21 January 2022
एसोचैम द्वारा आयोजित “Education Excellence Summit cum Awards Virtual Meet” में माननीय राज्यपाल महोदय का सम्बोधन:-
 एसोचैम द्वारा आयोजित इस मीट में आप सभी के बीच सम्मिलित होकर मुझे अपार प्रसन्नता हो रही है।
 मुझे खुशी है कि आज का कार्यक्रम शिक्षा जैसी अत्यंत ही महत्वपूर्ण व गंभीर विषय पर आयोजित की गई है।
 शिक्षा का हम सभी के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है। शिक्षा व्यक्ति को ज्ञान प्राप्त करने और जीवन में आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करती है। आपके जीवन में सही निर्णय लेने में मदद करती है। शिक्षित व्यक्ति ही समाज में महान नागरिक बन सकता है।
 शिक्षा से व्यक्ति के व्यक्तित्व का विकास होता है। व्यक्ति प्रतिकूल परिस्थितियों में चुनौतियों का बेहतर सामना कर सकता है।
 शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति के चरित्र का निर्माण करना है। हमारे विद्यार्थी जीवन के उचित मार्ग पर चलते हुए स्वयं के लिए सम्मानजनक आजीविका के साधन प्राप्त करने के साथ देश के एक बेहतर नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। हम बिना अच्छी शिक्षा के अधूरे हैं क्योंकि शिक्षा और ज्ञान ही हमें सही सोचने और सही निर्णय लेने वाला बनाती है।
 साक्षरता और शिक्षा के बीच मुख्य अंतर यह है कि साक्षरता किसी व्यक्ति को पढ़ने और लिखने की क्षमता को संदर्भित करती है, जबकि शिक्षा ज्ञान, कौशल, मूल्य, नैतिकता, आदतें और विश्वास प्राप्त करने की प्रक्रिया को संदर्भित करती है। इसलिए साक्षरता शिक्षा की ओर सिर्फ एक कदम है।
 ज्ञान का कभी अंत नहीं होता और इसे अर्जित करने की भी कोई सीमा या उम्र नहीं होती है। शिक्षा का लक्ष्य ही है- ज्ञान के प्रति समर्पण की भावना और निरंतर सीखते रहने की प्रवृत्ति।
 इस अवसर पर मुझे यह कहते हुए बहुत हर्ष हो रहा है कि हमारे राज्य के विद्यार्थी बहुत ही मेधावी हैं। उनमें असीम प्रतिभा मौजूद हैं और वे अपनी प्रतिभा से राज्य का मान बढ़ा रहे हैं।
 लेकिन पाया जाता है कि सरकार द्वारा संचालित विद्यालयों में इन प्रतिभावान छात्रों में अधिकांश ने शिक्षा हासिल नहीं की। वे उच्च शिक्षा हासिल करने व प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए अक्सर राज्य के बाहर जाते हैं। मैं चाहता हूँ कि एसोचैम जैसी संस्था राज्य में बेहतर शिक्षा के प्रचार-प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दें।
 एसोचैम सामाजिक दायित्वों के तहत शिक्षा से वंचित लोगों के बीच पहुँचकर उनकी समस्याओं को जानकर शिक्षा हासिल करने में आ रही उनकी अड़चनों को दूर कर सकती है।
 झारखंड टेन प्लस टू (10+2) तक की शिक्षा के लिए एजूकेशन हब के रूप में जाना जाता है। यहाँ कई अच्छे विद्यालय हैं। लेकिन अभी भी हमें सरकारी विद्यालयों की स्थिति में सुधार लाने की दिशा में काफी प्रयास करना होगा।
 राज्य में स्थापित नेतरहाट आवासीय विद्यालय की पूरे देश में ख्याति थी, कभी यह नामचीन विद्यालय के रूप में पूरे देश में जाना जाता था। लेकिन आज इसकी स्थिति पूर्व की तरह नहीं है, हमें इन कारणों को जानकर उनका निदान करना होगा।
 राज्य में स्थापित विश्वविद्यालयों की दशा में सुधार लाने हेतु मैं पूर्णतः प्रयासरत हूँ। मैं चाहता हूँ कि हमारे विद्यार्थियों को यहाँ की शिक्षण संस्थानों में उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त हों। हमारे विश्वविद्यालय नामचीन विश्वविद्यालयों में शुमार हों।
 उच्च शिक्षा की गति में सुधार लाने की दृष्टि से मैं निरंतर विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा समेत अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करता हूँ तथा छात्रहित में कई निदेश भी देता रहता हूँ।
 राज्य में कई निजी विश्वविद्यालय भी हैं। उनके कुलपतियों के साथ भी मैंने समीक्षा बैठक की और उनसे कहा कि वे छात्रहित में सरकार एवं यू.जी.सी. द्वारा निर्धारित मापदंडों का पालन सुनिश्चित करें।
 हमें गुणात्मक शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। हमारे शिक्षकों को विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के बारे में सदा सोचना होगा और उनके सामने अच्छा आचरण रखना होगा ताकि विद्यार्थी उनसे प्रेरित हो सकें।
 केन्द्र सरकार ने जनमानस के अनुकूल तथा उनकी इच्छाओं के अनुरूप देखते हुए नई शिक्षा नीति-2020 गठित की। यह भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिक डा० कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में गठित आयोग द्वारा पंचायत से संसद तक विभिन्न स्तरों द्वारा प्राप्त सुझावों और चर्चाओं का परिणाम है।
 यह शिक्षा नीति जनमानस की इच्छाओं के अनुरूप है। इसके माध्यम से उच्च शिक्षा में गुणवत्ता लाने का प्रयास किया गया है। इसमें शोध आधारित पढ़ाई की बात भी कही गई है। इस शिक्षा नीति में मातृभाषा की अहमियत का ध्यान रखा गया है।
 देखा जाता है कि बहुत कुछ जो हमारे बच्चे जानते हैं और अपनी भाषा में व्यक्त कर सकते हैं लेकिन किसी विशिष्ट भाषा में नहीं बता सकते हैं। ऐसे में मातृभाषा को जानना और पढ़ना अत्यन्त सराहनीय है। इससे बच्चों में आरंभ से ही इनोवेटिव आइडिया विकसित होंगे। झारखण्ड के परिप्रेक्ष्य में यह और भी महत्वपूर्ण है।
 इस शिक्षा नीति के लागू होने के बाद यहाँ के विद्यार्थी भाषायी कारणों से पीछे नहीं रहेंगे। इस शिक्षा नीति में लोकल से ग्लोबल का भी संदेश निहित है। यह नीति सबके सपनों के अनुरूप है।
 आशा है कि इस प्रकार की रोचक शिक्षा नीति के कारण सकल नामांकन अनुपात भी बढ़ेगा। इस शिक्षा नीति के माध्यम से सभी वर्गों तक उच्च शिक्षा को भी पहुँचाने का प्रयास किया गया है। व्यवसायिक/रोजगारपरक शिक्षा की दिशा में भी यह नीति कारगर सिद्ध होगी।
 एक बार पुनः एसोचैम को इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन करने लिए बधाई देता हूँ।
जय हिन्द! जय झारखंड!
17 January 2022
नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से सम्बोधन:-
 महान देशभक्त नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के नाम पर स्थापित इस विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से इस कार्यक्रम में सम्मिलित होकर मुझे अपार प्रसन्नता हो रही है।
 सर्वप्रथम मैं उपाधि ग्रहण करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनायें देता हूँ। साथ ही साथ उन शिक्षकों एवं अभिभावकों को भी बधाई देता हूँ जिनके कारण उन्होंने ये उपलब्धि हासिल की है।
 हमारा प्रयास है कि राज्य के अधिक-से-अधिक युवा वर्ग उच्च शिक्षा ग्रहण करें, चाहे वो किसी भी वर्ग के हो। ज्ञान हासिल करने में जाति, धर्म व वर्ग कभी भी बाधक न बने। शिक्षा से ही लोगों में जागृति आ सकती है तथा सामाजिक कुरीतियों का पूरी तरह से अंत हो सकता है।
 ज्ञान और तकनीक आधारित इस युग में विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होना चाहिए। आज का युग प्रतियोगिता का युग है और इस युग में कक्षा में सीखे ज्ञान की सार्थकता, उसके सामाजिक प्रतिफलन में है।
 हमारे शिक्षण संस्थानों की यह कोशिश होनी चाहिए कि विद्यार्थी एक सामाजिक, सु-संस्कृत और कुशल नागरिक के रूप में विकसित हों। वे नैतिकवान एवं चरित्रवान हों। ऐसे नागरिक निश्चित रूप से देश और समाज के लिए अमूल्य संपदा सिद्ध होंगे। इन अर्थों में देखें तो दीक्षांत समारोह शिक्षा का समापन नहीं, बल्कि आरम्भ होता है।
 मेरे प्रिय विद्यार्थियों, आज आप उपाधि ग्रहण कर रहे हैं। केवल उपाधि हासिल करना ही सिर्फ आपके जीवन का मकसद नहीं होना चाहिए। अब आप यहाँ से जीवन के कर्म-क्षेत्र में प्रवेश करेंगे, जहाँ आपको अपनी क्षमता एवं प्रतिभा से अपनी सही पहचान स्थापित करनी है।
 आप लोगों को अपने कैरियर का चयन करना है और इसमें सफलता के लिए एक अनुशासित जीवन अति आवश्यक है। आप कभी भी अपने-आपको कमजोर न समझें, हमेशा मजबूत इरादो के साथ लक्ष्य प्राप्ति हेतु निरंतर आगे बढ़ें और अपनी प्रतिभा का ऐसा परचम लहरायें कि आपको यह विश्वविद्यालय ही नहीं, बल्कि पूरा राज्य और देश एक आदर्श उदाहरण के रूप में देखे।
 विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा के इन आदर्शों को आत्मसात कर आगे बढ़ने का प्रयत्न करना चाहिये, यह समाज एवं राष्ट्रहित में नितांत आवश्यक है।
 व्यक्ति का सर्वांगीण विकास शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है। एक पूर्ण और बेहतर जीवन भी इसके स्पष्ट लाभों में से एक है। शिक्षा में समग्र रूप से समाज को लाभान्वित करने की क्षमता है। ऐसे समाज में लोग अपने अधिकारों और दायित्वों के प्रति जागरूक होते हैं।
 विश्वविद्यालय को भी गुणात्मक शिक्षा की दिशा में पूर्णतः ध्यान देना चाहिये। हमारे राज्य के निजी विश्वविद्यालय सरकार एवं यू.जी.सी. के नियमों और गाइडलाइन्स का अनुपालन करें। विश्वविद्यालय को छात्रहित में सर्मपित होकर कार्य करना चाहिये।
 हमारे शिक्षक विद्यार्थियों को बेहतर और सही मार्गदर्शन प्रदान करें, उन्हें इनोवेटिव विचार के प्रति जागरूक करें। हमारे राज्य के निजी विश्वविद्यालय शिक्षा का ऐसा वातावरण स्थापित करने हेतु अग्रसर हों ताकि सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालय भी आपसे प्रेरणा ले सकें। इसी दृष्टिकोण से राज्य में स्थापित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ मैंने समीक्षा बैठक की तथा शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर दिया।
 मुझे बताया गया है कि यह विश्वविद्यालय स्थापना काल से ही राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने हेतु निरंतर प्रयत्नशील है।
 वर्तमान में विश्वविद्यालय में वाणिज्य और प्रबंधन, कानून, फार्मेसी, विज्ञान, कला और मानविकी, आतिथ्य, पत्रकारिता और जन संचार, शिक्षा, पॉलिटेक्निक, नर्सिंग और पैरामेडिकल, जैसे विभिन्न पाठ्यक्रमों के माध्यम से उच्च शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा और तकनीकी शिक्षा संचालित है, और विषय अनुसंधान के आठ पाठ्यक्रमों में कुल 28 कार्यक्रम चल रहे हैं।
 मुझे सूचित किया गया है कि यह विश्विद्यालय झारखंड राज्य के साथ पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और उत्तर पूर्व राज्यों से आने वाले छात्रों के लिए भी उच्च शिक्षा का केंद्र है।
 विश्वविद्यालय ने बहु-विषयक अनुसंधान कार्यक्रम शुरू किए हैं और पिछले वर्षों में अपने शोध कार्य को आगे बढ़ाने के लिए 66 छात्रों को विषयों में नामांकित किया गया है।
 परिसर में लड़के और लड़कियों के लिए दो अलग छात्रावासों का प्रावधान इसे एक जीवंत आवासीय विश्वविद्यालय बनाता है। विश्वविद्यालय बुनियादी ढांचे में विकास और नयी शिक्षा निति (NEP) 2020 के अनुरूप नए उभरते पाठ्यक्रमों की शुरूआत के मामले में विस्तार करने हेतु प्रयत्नशील है।
 मुझे यह भी बताया गया है, कि विश्वविद्यालय ने एक इंटर कॉलेज "एक्सप्लोर प्रोग्राम" का आयोजन किया, जिसमें झारखंड के 35 संस्थानों के 1850 चयनित छात्रों ने भाग लिया।
 मुझे यह भी अवगत कराया गया है कि 2021 में स्नातक उत्तीर्ण होने वाले 85% विद्यार्थियों को कुछ नामी कंपनियों में प्लेसमेंट मिला है जो इस विश्वविद्यालय के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
 एक बार पुनः उपाधि ग्रहण करने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनायें देते हुए कहना चाहूँगा कि आप लोग निरंतर अपनी मेहनत और लगन से लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में सतत प्रयत्नशील रहे और अपनी मंजिल को अवश्य हासिल करे। मेरा आशीर्वाद सदा आप सभी के साथ है।
जय हिन्द!
10 January 2022
सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में माननीय राज्यपाल महोदय का सम्बोधन:-
 सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर आप सभी को हार्दिक बधाई व शुभकामनायें।
 स्थापना दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आप सभी के बीच सम्मिलित होकर मुझे अपार खुशी हो रही है।
 मैं इस अवसर पर संथाल हूल के महानायक सिदो, कान्हु समेत सभी सेनानियों को नमन करता हूँ और उनके प्रति अपनी श्रद्धा-सुमन अर्पित करता हूँ
।  आज पूरा विश्व कोरोना महामारी से प्रभावित है। हमारी शिक्षा जगत पर इस महामारी का गहरा प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
 यह महामारी अपना रूप बदल कर फिर सामने आ खड़ी हुई है।
 शिक्षण संस्थानों के पुनः इस महामारी के कारण बन्द होने से विद्यार्थियों की तकलीफ़ों को मैं समझ सकता हूँ।
 वर्त्तमान समय को देखते हुए ऑनलाइन क्लासेस के माध्यम से हमारे शिक्षक विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन प्रदान करने की पूर्ण कोशिश करेंगे, ऐसी आशा करता हूँ।
 शिक्षण संस्थानों को छात्रहित में अपने विद्यार्थियों के प्रति सतत् चिंतनशील रहना चाहिये, उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिये। विद्यार्थियों को सही दिशा देना हमारे शिक्षण संस्थान व शिक्षकों का परम धर्म है।
 मुझे यह जानकर बहुत प्रसन्नता है कि इस विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभागों में विद्यार्थी सिर्फ संताल परगना या झारखण्ड के ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों के भी है। इसके लिए मैं पूरे विश्वविद्यालय परिवार को बधाई देता हूँ।
 विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा प्रणाली को और ज्यादा रोजगारपरक बनाने के लिए कौशल सम्बन्धी कई नये पाठ्यक्रमों की शुरुआत करना एक सराहनीय प्रयास है।
 मुझे बताया गया है कि टी.सी.एस. के सौजन्य से कौशल विकास के लिए विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों में युवा रोजगार कार्यक्रम आयोजित किये गए और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने इसका लाभ उठाया।
 किसी भी विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस अपने अतीत की गलतियों से सबक सीखने का और उपलब्धियों से प्रेरणा हासिल कर भविष्य की रुपरेखा तैयार कर उस पर आगे बढ़ने के प्रण लेने का एक अहम अवसर होता है।
 आइये, सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय के इस स्थापना दिवस पर अपनी ऊर्जा एवं लगन से इस संस्थान को नयी ऊंचाई पर ले जाने और शिक्षण एवं शोध के माध्यम से इस क्षेत्र की और देश की समस्याओं का हल निकालने में अपना योगदान देने का संकल्प लें।
 सभी टीम वर्क की भावना से समर्पित होकर शिक्षा जगत की दिशा में निरंतर कार्य करते हुए इस विश्वविद्यालय को राज्य ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक अनुकरणीय विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रयास करें।
 यह विश्वविद्यालय प्रगति के पथ पर सतत् आगे बढ़े, यही मेरी कामना है।
 एक बार पुनः मैं कुलपति समेत विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों को स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई देता हूँ।
जय हिन्द!
06 January 2022
माननीय राज्यपाल श्री रमेश बैस से झारखण्ड विधानसभा अध्यक्ष श्री रबीन्द्र नाथ महतो ने राज भवन में भेंट की। उक्त अवसर पर दोनों ने एक-दूसरे को नव वर्ष की बधाई व शुभकामनाएं दी। राज्यपाल महोदय को विधानसभा अध्यक्ष ने झारखण्ड विधानसभा द्वारा प्रकाशित डायरी भी समर्पित किया।
05 January 2022
माननीय राज्यपाल श्री रमेश बैस से श्री प्रसाद मंगीपुड़ी के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल राज भवन में भेंट कर राज्यपाल महोदय से बैडमिंटन खेल के क्षेत्र में झारखण्ड राज्य के युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर कर सकें, इस दिशा में पहल करने हेतु आग्रह किया। शिष्टमंडल द्वारा यह भी कहा गया कि उनके मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के युवाओं ने तीरंदाजी के क्षेत्र में बेहतर प्रर्दशन किया है। झारखण्ड राज्य में बैडमिंटन के क्षेत्र में भी उसी प्रकार मार्गदर्शन व आशीर्वाद प्राप्त हो ताकि बैडमिंटन के क्षेत्र में प्रतिभावान खिलाड़ी प्रोत्साहित होकर बेहतर कर सकें। शिष्टमंडल द्वारा झारखण्ड को बैडमिंटन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर उत्कृष्ट रूप में लाने हेतु अंतरराष्ट्रीय स्तर के बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन राज्य में कराने हेतु पहल करने का आग्रह किया ।
04 January 2022
माननीय राज्यपाल श्री रमेश बैस से झारखंड प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के अध्यक्ष श्री राजेश ठाकुर एवं अन्य सदस्यों ने राज भवन में भेंट कर उन्हें नव वर्ष की बधाई व शुभकामनायें दी तथा उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
04 January 2022
माननीय राज्यपाल श्री रमेश बैस से राज्य के महाधिवक्ता श्री राजीव रंजन ने राज भवन में भेंट कर नव वर्ष की बधाई व शुभकामनाएं दी।
03 January 2022
माननीय राज्यपाल श्री रमेश बैस से मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह ने राज भवन में भेंट कर नव वर्ष की बधाई व शुभकामनायें दी तथा उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। राज्यपाल महोदय ने उक्त अवसर पर राज्य में तीव्र गति से कोरोना प्रसार पर अत्यन्त चिन्ता प्रकट करते हुए कोरोना महामारी पर नियंत्रण हेतु सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हमारी स्वास्थ्य सुविधा उत्तम हो, तीव्र गति से टीकाकरण का कार्य हो तथा जनमानस के सहयोग से कोरोना की इस लहर को रोकने का प्रयास हो। कोरोना संक्रमित व्यक्ति का बेहतर इलाज़ हो, वह स्वयं को अकेला महसूस न करें, सरकार व प्रशासन उसके साथ है, ऐसा महसूस हो।
03 January 2022
माननीय राज्यपाल श्री रमेश बैस से पुलिस महानिदेशक श्री नीरज कुमार सिन्हा ने राज भवन में भेंट कर नव वर्ष की बधाई व शुभकामनायें दी तथा उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। राज्यपाल महोदय ने उक्त अवसर पर राज्य में तीव्र गति से कोरोना प्रसार पर अत्यन्त चिन्ता प्रकट करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन जनमानस को सरकार द्वारा कोविड-19 से संबंधित निदेशों के अनुपालन हेतु प्रेरित करें। उन्हें मास्क के बिना घर से बाहर निकलने हेतु मना करें। लोग स्वच्छता का पालन करें।
03 January 2022
माननीय राज्यपाल श्री रमेश बैस से झारखंड लोक सेवा आयोग अध्यक्ष श्री अमिताभ चौधरी ने राज भवन में भेंट कर नव वर्ष की बधाई व शुभकामनायें दी तथा उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
01 January 2022
माननीय राज्यपाल श्री रमेश बैस से माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज भवन में भेंट की। उक्त शिष्टाचार भेंट के क्रम में दोनों ने एक-दूसरे को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं।